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यूपी में कहीं से भी बुक करिए गाड़ी, मिलेगा प्रयागराज का ही नंबर

Sun, 29 Aug 2021 06:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि विभाग ने नई गाड़ियों के नंबरों केे आवंटन में तीन नए प्रमुख बदलाव किए गए हैं। नई गाड़ियों के नंबर अब डीलर्स द्वारा फीस और टैक्स ऑनलाइन जमा किए जाने पर तुरंत ही ऑटोमेटिक जनरेट होंगे।
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Prayagraj News : वाहन कानंबर प्लेट। डेमो - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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परिवहन विभाग ने गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में अहम बदलाव किए हैं। अब यूपी के किसी भी जिले में वाहन खरीदने पर नंबर आपको प्रयागराज का ही मिलेगा। यानी आप मनचाहे जिले का नंबर ले सकेंगे। प्रदेश में अब नई गाड़ियों को दिए जाने वाले अस्थायी नंबर आवंटित नहीं किए जाएंगे। सीधे स्थायी नंबर ही दिए जाएंगे। हालांकि, दूसरे प्रदेशों को जाने वाली गाड़ियों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। इसके अलावा वीआईपी नंबरों को अब पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा। 

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HSRP - फोटो : Social media
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि विभाग ने नई गाड़ियों के नंबरों केे आवंटन में तीन नए प्रमुख बदलाव किए गए हैं। नई गाड़ियों के नंबर अब डीलर्स द्वारा फीस और टैक्स ऑनलाइन जमा किए जाने पर तुरंत ही ऑटोमेटिक जनरेट होंगे। लोगों को आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था होने से आवंटित होने वाले नंबरों में कोई भी उलटफेर भी नहीं हो सकेगा। लोगों को मनमर्जी से नहीं बल्कि ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए क्रमबद्ध तरीके से ही नंबर एलाट होगा।
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सांकेतिक - फोटो : Unsplash
इसके अलावा जो लोग पहले वीआईपी नंबर की बुकिंग कराते थे अब उन्हें ये नंबर पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिए जाएंगे। बोली लगाने वाली व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अभी तक सरकार ने वीआईपी नंबरों के लिए बोली लगाने की व्यवस्था कर रखी थी लेकिन वीआईपी नंबरों की बिक्री की कमी के चलते यह व्यवस्था बदल दी गई है। 

डॉ. वर्मा के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के किसी भी जिले में नई गाड़ी खरीदने पर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर वाहन खरीदने वाले के गृह जनपद का दिया जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामी को डीलर्स से यह बोलना पड़ेगा कि उसे उसके गृह जनपद का नंबर एलाट किया जाए। उदाहरण के लिए अगर प्रयागराज का निवासी लखनऊ में नई गाड़ी खरीदता है तो वहां के डीलर्स से बोलकर वह प्रयागराज का नंबर यूपी 70 ले सकेगा।

अभी तक प्रदेश में दूसरे जिले में नई गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामी को पहले अस्थायी रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा था। बाद में स्थायी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अपने गृह जनपद के आरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन, परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था में इसको समाप्त कर दिया है। हालांकि, दूसरे प्रदेश में नया वाहन ले जाने पर अस्थायी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यह अस्थायी रजिस्ट्रे्शन एक महीने की बजाय छह महीने तक लिए होगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था को लागू कर दिया गया है।
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