जपनद के 200 से अधिक स्कूलों वाहनों की फिटनेस की अवधि खत्म हो गई है। एआरटीओ प्रशासन ने बस संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन में कागजात पूरे कराने की चेतावनी दी है। अगर इस अवधि में फिटनेस प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि कोरोना काल के चलते दस्तावेजों को पूरा करने की छूट दी जा रही थी। 30 अक्तूबर को यह छूट खत्म हो गई है। ऐसे में जनपद में 200 से अधिक ऐसी स्कूल बसें हैं जिनके फिटनेस की अवधि समाप्त हो गई हैं। इन वाहनों के संचालकों को नोटिस भेजकर 15 दिन का समय दिया गया है। अगर 15 दिन में फिटनेस प्रक्रिया पूरी नहीं होती है और वाहन सड़कों पर चलता हुआ मिला तो सीधे जब्त कर लिया जाएगा।
स्कूली वाहन चालकों के चरित्र का होगा सत्यापन
स्कूली वाहनों को चलाने वाले चालकों के चरित्र का पुलिस सत्यापन होगा। खराब चरित्र वाले चालकों को वाहन चलाने नहीं दिया जाएगा। परिवहन विभाग अब पुलिस के निर्देश पर सभी स्कूली वाहनों के चालकों का रिकार्ड इकट्ठा करेगा।
एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियम और बाल अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्कूली वाहन चालकों के चरित्र का सत्यापन किया जाएगा। अगर किसी चालक का चरित्र खराब है या पहले किन्हीं अपराधों में शामिल रहा है तो ऐसा व्यक्ति स्कूली वाहन नहीं चला सकता है। इसलिए चालकों का पुलिस स्तर से सत्यापन कराया जाएगा। विभाग पहले सभी चालकों का रिकार्ड इकट्ठा करेगा और पुलिस के पास भेजेगा। पुलिस से क्लीन चिट मिलने के बाद ही चालक वाहन चला सकेंगे।