तरुण सैनी, ललित पुष्प कला केंद्र।
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना काल में मुरझाया फूलों का कारोबार फिर महकने लगा है। पहले त्योहार, फिर सहालग ने फूलों की मांग बढ़ा दी है। कोरोना काल में बाजार में प्रतिदिन एक-दो क्विंटल फूल आ रहा था, वर्तमान में 30 क्विंटल फूल प्रतिदिन पहुंच रहा है। दो साल तक थोक में 100-200 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गेंदे का फूल वर्तमान में 20-30 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। शादियों के सीजन की वजह से फूल डेकोरेशन और गाड़ियों की सजावट बढ़ गई है। बाजार में फूलों की बढ़ती मांग से थोक व फुटकर कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
नवंबर 2020 में गेंदे का फूल 100 रुपये प्रति किलो था। इससे पहले अक्तूबर में 150 रुपये किलो भाव था। इस साल सहालग के चलते 30 क्विंटल प्रतिदिन फूल आ रहे हैं, जिनमें से 55 फीसदी फूलों की खपत हो जाती है। 20 क्विंटल गेंदे का फूल, सात क्विंटल गुलाब, पांच क्विंटल सफेद फूल, एक क्विंटल रजनीगंधा फूल और तकरीबन दो हजार पीस इंग्लिश गुलाब के आ रहे हैं, जिनसे गाड़ियों की सजावट या गुलदस्ते बनाए जाते हैं।
थोक व फुटकर बाजार में फूल के प्रति किलो दाम
फूल थोक दाम फुटकर
गेंदा 20 30-50
गुलाब 250-300 300-370
सफेद फूल 200 250
रजनीगंधा 400 470
इंग्लिश गुलाब 20 रुपये पीस 25 रुपये पीस
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- फूलों का कारोबार रफ्तार पकड़ रहा है। कोरोना काल में बाजार से फूल नहीं खरीद रहे थे। लेकिन इस बार काफी डिमांड है। इसीलिए एक डेढ़ क्विंटल फूल खरीदकर बेच रहे हैं। कोरोना काल के बाद गेंदा पहली बार सस्ता हुआ है। - तरुण सैनी, ललित पुष्प कला केंद्र।
- त्योहार खत्म हुए तो सहालगों ने काफी राहत दी है। कोरोना काल के बाद पहली बार धंधा लंबा चलता दिखाई दे रहा है। क्योंकि सहालगों के बाद चुनाव शुरू हो जाएंगे। इन दिनों एक गाड़ी को 500 से 600 रुपये में सजा रहे हैं। - नरेश सैनी, नरेश चंद्र मुकेश सैनी फूल सजावट केंद्र।
नरेश सैनी, फूल कारोबारी। - फोटो : CITY OFFICE