आरोपी ने अपने दोस्त को भी दिलाए थे रुपये
गोल्डी ने अपने दोस्त सोनू उर्फ बोना पुत्र ठाकुरदास निवासी मंशा टीला महावन को भी योगेश से 38 हजार रूपये ब्याज पर दिलवाए। लगातार रुपये मांगने पर बोना और गोल्डी रुपये वापस नहीं कर रहे थे। एक जून को बोना और गोल्डी अपने साथ योगेश को रुपये दिलवाने के बहाने अड़ींग ले गए। रास्ते में तीनों ने जमकर शराब और बीयर पी।
नशे में धुत होने के बाद आरोपियों ने अड़ींग नहर के पास योगेश के पेट और शरीर पर चाकुओं से 19 वार किए। हत्या के बाद उसका शव को फेंककर भाग गए। उधर, रात को घर न आने पर योगेश के भाई सचिन ने गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। दो जून को योगेश का शव मिला।
एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से कोतवाल सूरज प्रकाश शर्मा, इंस्पेक्टर अपराध अमित कुमार बैनीवाल और चौकी प्रभारी राकेश यादव की टीम ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद हुए हैं।