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मथुरा में सिंथेटिक दूध फैक्टरी पकड़ी: मास्टरमाइंड समेत सात गिरफ्तार, दिल्ली-फैजाबाद तक होती थी सप्लाई

Mon, 09 Aug 2021 12:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

पुलिस ने कब्जे से सिंथेटिक दूध भरा एक टैंकर सहित करीब 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध, दूध बनाने में उपकरण, कच्चा माल स्किम्ड मिल्क पाउडर व रिफाइंड ऑयल के अलावा 17 हजार रुपये व मोबाइल फोन आदि बरामद किया है
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सिंथेटिक दूध बनाने के आरोपियों की जानकारी देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीन लोक से न्यारी कृष्ण की नगरी में कभी दूध की नदियां बहा करती थीं, अब सिंथेटिक दूध बनाकर बेचा जा रहा है। बलदेव पुलिस ने गांव जुगसना में सिंथेटिक दूध की फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड समेत सात मिलावटखोरों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सिंथेटिक दूध भरा एक कैंटर सहित भारी मात्रा में उपकरण बरामद हुए हैं।

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रविवार को पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव ने सिंथेटिक दूध की फैक्टरी पकड़ी है। पकड़े गए मास्टरमाइंड मुन्ना लाल उर्फ प्रेम चंद, अतुल अग्रवाल, आकाश अग्रवाल निवासीगण जुगसना, अजरूद्दीन उर्फ छोटे, अकील खान निवासीगण नगला मोहन, जगन्नाथ निवासी खोंदूआ, सुधीर निवासी गांव भरऊ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कब्जे से सिंथेटिक दूध भरा एक टैंकर सहित करीब 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध, दूध बनाने में उपकरण, कच्चा माल स्किम्ड मिल्क पाउडर व रिफाइंड ऑयल के अलावा 17 हजार रुपये व मोबाइल फोन आदि बरामद किया है। वहीं, खाद्य सुरक्षा औषधीय प्रशासन की तीन सदस्यीय टीम ने दूध की सैंपलिंग की है। 

ऐसे बनाते थे सिंथेटिक दूध
एसपी देहात श्रीशचंद के अनुसार मास्टरमाइंड मुन्नालाल ने पूछताछ में बताया कि प्रेमचंद अग्रवाल मिल्क कलेक्शन सेंटर के नाम से फर्म रजिस्टर्ड करा रखी थी। इसकी आड़ में मिलावटी कृत्रिम सिंथेटिक दूध, मक्खन व क्रीम तैयार होता था। आसपास इगलास व सादाबाद की डेरियों में दूध के टैंकरों से सप्लाई कराते थे। इगलास की एक डेयरी में इस दूध से पनीर तैयार किया जाता है, जिसे फैजाबाद, दिल्ली, मथुरा आदि जिलों में सप्लाई करते थे। बताया कि स्किम्ड मिल्क पाउडर में पानी मिलाकर मशीनों के घोल तैयार करके फिर उसमें गर्म करके रिफाइंड ऑयल डालते थे। इसके साथ ही रिफाइंड ऑयल की मिक्सिंग के लिए उक्त घोल में डिटर्जेंट पाउडर मिलाते। दूध की आयु बढ़ाने के लिए उसमें कास्टिक सोडा व अन्य केमिकल मिलाए जाते थे। स्किम्ड मिल्क व रिफाइंड ऑयल मिलाकर मशीन से मिक्सिंग कर मक्खन तैयार करते थे, मक्खन को बड़े-बड़े भगोनों में बर्फ में लगाकर ठंडा किया जाता था। 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध को एसडीएम महावन कृंष्णानंद तिवारी की उपस्थित में नष्ट कराया गया।
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