फिरोजाबाद में सात वर्षीय बालिका की हत्या के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव द्वितीय ने दोषी पाते हुए एक लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नारखी थाना क्षेत्र के गांव निवासी पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि गांव निवासी व्यक्ति की दो पुत्रियों का विवाह था। बरात आगरा व हाथरस से आई थी। शाम करीब साढ़े सात बजे महिलाएं और बच्चे बारात देखने के लिए गए थे। वादी की सात साल की बेटी अन्य बच्चों के साथ गई थी। रात करीब नौ बजे बेटी घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
दो युवकों ने दी थी जानकारी
गांव के दो युवकों ने बताया कि बिटिया को उन्होंने विजेंद्र उर्फ विज्जू के साथ गांव से बाहर खेतों की तरफ जाते हुए देखा है। इस पर पीड़ित अन्य लोगों के साथ विजेंद्र उर्फ विज्जू की तलाश की तो वह नहीं मिला। 30 जनवरी 2016 को सुबह नौ बजे पुत्री की लाश एक खेत में स्थित सूखे कुआं में पड़ी मिली। गांव वालों की मदद से शव को बाहर निकाला। शव के निचले हिस्से में कोई कपड़ा नहीं था। बच्ची के कपड़े आसपास के खेतों में पड़े मिले। विजेंद्र की सॉफी भी पास में पड़ी मिली। मृतका के शव पर चोटों के निशान थे।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी विजेंद्र उर्फ विज्जू के खिलाफ दुष्कर्म कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे की जांच कर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर दी। शासन की ओर से पैरवी कमल सिंह एडवोकेट ने की।
सुनाई सजा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अति विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव द्वितीय ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी विजेंद्र उर्फ विज्जू को हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी मानते हुए एक लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
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