फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: मेट्रो की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी का झांसा, बेरोजगार युवाओं से ठगी

Wed, 11 Aug 2021 12:19 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

मैनेजर की पोस्ट पर भर्ती के लिए सैलरी की 50 प्रतिशत राशि मांगी गई। इसके बाद व्हाट्सएप पर खाता नंबर उपलब्ध करा दिया। इसमें मई में 35 हजार रुपये सुधांशु ने जमा कर दिए। 
विज्ञापन
साइबर सुरक्षा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्जी वेबसाइट बनाकर मेट्रो में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आगरा में सात बेरोजगार युवाओं को मैनेजर सहित अन्य पदों पर नौकरी का झांसा दिया गया। इसके बाद खाते में दस से 40 हजार रुपये तक की रकम जमा करा ली गई। युवकों को साइबर अपराधियों ने खुद को एचआर मैनेजर बताया था। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

विज्ञापन


शिकायत सदर बाजार निवासी सुधांशु साहनी ने की है। उनका कहना है कि मेट्रो रेल में नौकरी के लिए कथित एचआर मैनेजर एमपी सिंह और रोहित सिंघल लिंकडिन आईडी और ईमेल आईडी से बातचीत हुई। इसके बाद शिक्षा से संबंधित प्रमाण पत्र मंगवा लिए गए। इसके बाद दिल्ली और यूपी मेट्रो में नौकरी का आश्वासन दिया। मैनेजर की पोस्ट पर भर्ती के लिए सैलरी की 50 प्रतिशत राशि मांगी गई। इसके बाद व्हाट्सएप पर खाता नंबर उपलब्ध करा दिया। इसमें मई में 35 हजार रुपये सुधांशु ने जमा कर दिए। मगर, उनकी जॉब नहीं लगी। उन्होंने मोबाइल नंबर मिलाया लेकिन, वह  बंद आया। मेट्रो अधिकारियों से जानकारी करने पर पता चला कि आईडी फर्जी है। इस पर पुलिस से शिकायत की। 
सात लोग सामने आए
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि मेट्रो रेल में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए सात लोग सामने आए हैं। आशंका है कि गैंग ने 20 से 25 युवाओं को शिकार बनाया है। उन्होंने फर्जी वेबसाइट भी बना रखी थी जिसे सर्च इंजन पर सबसे ऊपर भी रखा गया है। इस वेबसाइट पर आवेदन करने के बाद कॉल पर एचआर मैनेजर बनकर बात करते थे। इस दौरान ईमेल पर दस्तावेज लेते थे। व्हाट्सएप का भी प्रयोग करते है। कई बार में रकम जमा करा लेते हैं। युवाओं से दस से 40 हजार रुपये तक की ठगी सामने आई है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी हैं हम: बाबू गुलाब राय ने दुनियाभर में पहुंचाया हिंदी का संदेश, इटावा में जन्मे, आगरा को बनाया कर्मभूमि

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें