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अब नहीं बनेंगे राशन कार्ड: सरकारी राशन पाने के पात्र तो हैं, लेकिन हकदार नहीं, क्या आप भी हैं इस लिस्ट में ?

Sun, 28 May 2023 04:39 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

शहरी क्षेत्र में अब राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। यानी कि आप सरकारी राशन पाने के पात्र तो हैं, लेकिन हकदार नहीं। क्या आप भी इस लिस्ट में हैं? पढ़े आगे पढ़िए...
 
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राशन कार्ड (फाइल फोटो) - फोटो : file photo
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में पात्र होने के बाद भी शहर के लोगों को नया राशन कार्ड जारी नहीं किया जा रहा है। कार्ड के बिना वह सरकारी राशन पाने के हकदार नहीं हैं। शासन स्तर से शहर के लिए निर्धारित राशन कार्ड का कोटा पूरा हो चुका है। इससे नए राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। पात्र राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं। वह आपूर्ति विभाग के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। नए राशन के 500 से ज्यादा आवेदन लंबित हैं।

ये है शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड का आंकड़ा 

शहरी क्षेत्र में वर्तमान में 21,806 परिवारों को आपूर्ति विभाग की ओर से राशन कार्ड जारी किया गया है। इसमें से 19,428 परिवारों के पास पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड तो 2,406 परिवारों के पास अंत्योदय राशन कार्ड है। शहर के लिए शासन स्तर से इतना ही कोटा निर्धारित है। जबकि, राशन कार्ड के लिए निर्धारित पात्रता को पूरा करने वाले परिवारों की संख्या अधिक है। उनकी ओर से राशन कार्ड बनवाने के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। 

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पोर्टल से नहीं जारी हो जेनरेट हो रहे राशन कार्ड

लोग राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद हार्ड कॉपी भी जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जमा कर रहे हैं। आवेदनों पर जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक पात्र और अपात्र होने की रिपोर्ट भी लगा देते हैं। जो पात्र पाए जाते हैं, उन्हें भी कोर्ड जारी नहीं हो पाता। कोटा पूरा होने से पोर्टल नए कार्ड जनरेट नहीं करता। राशन कार्ड के आवेदनों की संख्या उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है।

राशन कार्ड जारी करने का यह है नियम

नियमानुसार आबादी के सापेक्ष शहरी क्षेत्र में अधिकतम 64 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 79 फीसदी राशन कार्ड ही जारी किए जा सकते हैं। इसके अनुसार ही प्रत्येक जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का कोटा निर्धारित किया गया है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के आधार पर ही पूर्ति विभाग को राशनकार्ड जारी करने का लक्ष्य मिला है। तब से शहर और गांवों में परिवारों की संख्या भी बढ़ गई है।

केस एक:-

शहर के मोहल्ला सौतियाना निवासी जान्हवी पत्नी शिवाकर ने तीन माह पहले राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। पूर्ति निरीक्षक की संस्तुति भी हो चुकी है। अभी तक राशन कार्ड जारी नहीं हो सका है।

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केस दो:-

शहर के देवी रोड निवासी दीपक कुमार ने भी करीब तीन माह पहले ही राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। विभागीय सत्यापन में राशन कार्ड के लिए वह पात्र पाए गए हैं। राशन कार्ड जारी नहीं किया जा सका है।
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अपात्रों को हटाकर नए पात्रों के बनाए जाएंगे कार्ड

जिला पूर्ति अधिकारी मो. क्यामुद्दीन अंसारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में नियमानुसार राशन कार्डधारकों की संख्या पूरी हो चुकी है। शासन के आदेशानुसार कार्डधारकों का सत्यापन कर अपात्रों को बाहर किया जाएगा। इनके स्थान पर नए राशन कार्ड पात्रों को जारी किए जाएंगे।

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कार्ड पर निशुल्क, बाजार में गेहूं 25, चावल 50 रुपये किलो

राशन कार्ड पर इस समय गेहूं और चावल निशुल्क दिया जा रहा है। पात्र गृहस्थी के कार्ड पर प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल और अंत्योदय कार्ड पर 20 किलोग्राम गेहूं और 15 किलोग्राम चावल मिल रहा है। जबकि फुटकर बाजार में गेहूं 25 रुपये और चावल 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है।
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