राशन कार्ड जारी करने का यह है नियम
नियमानुसार आबादी के सापेक्ष शहरी क्षेत्र में अधिकतम 64 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 79 फीसदी राशन कार्ड ही जारी किए जा सकते हैं। इसके अनुसार ही प्रत्येक जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का कोटा निर्धारित किया गया है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के आधार पर ही पूर्ति विभाग को राशनकार्ड जारी करने का लक्ष्य मिला है। तब से शहर और गांवों में परिवारों की संख्या भी बढ़ गई है।
केस एक:-
शहर के मोहल्ला सौतियाना निवासी जान्हवी पत्नी शिवाकर ने तीन माह पहले राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। पूर्ति निरीक्षक की संस्तुति भी हो चुकी है। अभी तक राशन कार्ड जारी नहीं हो सका है।
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केस दो:-
शहर के देवी रोड निवासी दीपक कुमार ने भी करीब तीन माह पहले ही राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। विभागीय सत्यापन में राशन कार्ड के लिए वह पात्र पाए गए हैं। राशन कार्ड जारी नहीं किया जा सका है।
अपात्रों को हटाकर नए पात्रों के बनाए जाएंगे कार्ड
जिला पूर्ति अधिकारी मो. क्यामुद्दीन अंसारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में नियमानुसार राशन कार्डधारकों की संख्या पूरी हो चुकी है। शासन के आदेशानुसार कार्डधारकों का सत्यापन कर अपात्रों को बाहर किया जाएगा। इनके स्थान पर नए राशन कार्ड पात्रों को जारी किए जाएंगे।
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कार्ड पर निशुल्क, बाजार में गेहूं 25, चावल 50 रुपये किलो
राशन कार्ड पर इस समय गेहूं और चावल निशुल्क दिया जा रहा है। पात्र गृहस्थी के कार्ड पर प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल और अंत्योदय कार्ड पर 20 किलोग्राम गेहूं और 15 किलोग्राम चावल मिल रहा है। जबकि फुटकर बाजार में गेहूं 25 रुपये और चावल 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है।