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ताजनगरी में फिल्म सिटी की मांग पकड़ रही जोर, संघर्ष समिति का किया गया गठन

Sun, 04 Oct 2020 04:03 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा फिल्म सिटी संघर्ष समिति का किया गया गठन 
  • संगीत अकादमी और नाट्य अकादमी की मांग भी उठी 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी में फिल्म सिटी की मांग दिन पर दिन जोर पकड़ती जा रही है। फिल्म सिटी के साथ ही संगीत अकादमी और नाट्य अकादमी की मांग भी उठने लगी है। इसके लिए आगरा फिल्म सिटी संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति में शहर के दो दर्जन फिल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक, नाट्यकर्मियों को शामिल किया गया है। 

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फिल्म सिटी की मांग को लेकर शुक्रवार को इंडियन क्लब में आयोजित हुई बैठक में इस बात पर अफसोस जताया गया कि शूटिंग फ्रेंडली होने का बाद भी आगरा की अनदेखी कर दी गई। ऐतिहासिक लोकेशंस में तमाम फिल्मों की शूटिंग होने के बाद भी आगरा को सिरे से नकार देना किसी भी तरह से ठीक नहीं है। 


बैठक में आरोही संस्था के निदेशक अमित तिवारी, डॉ. महेश धाकड़, प्रमोद राणा, मुकेश नेचुअरल, अनिल जैन, उमाशंकर मिश्रा, एसके जैन, संजय दुबे, चंचल उपाध्याय, पंकज विकल, अमित गर्ग, अर्पित शुक्ला, नीरज राघव, रवि परिहार, प्रवीण चाहर, दीपक जैन, सोमा जैन, शिवेंद्र मल्होत्रा आदि मौजूद रहे। 

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निराश हैं शहर के लोग
आरके मूवीज के फिल्म निर्माता रंजीत सामा ने कहा कि आगरा वर्षों से शूटिंग की बेहतरीन लोकेशन के लिए जाना जाता है। देश के तमाम फिल्म निदेशकों ने यहां आकर अपनी फिल्मों की शूटिंग में चार चांद लगाए हैं। इसके बाद भी शहर को मायूसी मिली है। फिल्म सिटी ताजनगरी का अधिकार है।

हवा में उड़ गया करार
लेखक सूरज तिवारी ने कहा कि हर बार आगरा को हरेक मुद्दे पर निराशा हाथ लगी है। फिल्म अभिनेता और निर्देशक संजय खान से 1000 एकड़ की जमीन को लेकर चल रहे करार की बात भी सालों पहले ठंडे बस्ते में चली गई। इस तरह से तो आगरा को कभी कुछ मिल ही नहीं सकेगा।

प्रदूषण रहित सेक्टर है इंडस्ट्री
गायिका नेहा गोस्वामी ने कहा कि आगरा में फिल्म सिटी स्थापित होने से शहर के बेरोजगार युवकों को नौकरी के अवसर मिलेंगे। ताजमहल के कारण फाउंड्री उद्योग बंद कर दिए गए। फिल्म इंडस्ट्री प्रदूषण रहित सेक्टर है। इसलिए भी आगरा में इसके बनने पर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। 

फिल्मों के लिए है प्राइम लोकेशन
लाइन प्रोड्यूसर प्रमोद राणा ने कहा कि हमारे पास अगर दस फिल्में शूट होने के लिए आती हैं, तो उनमें से लगभग सात-आठ फिल्मों की लोकेशन फिल्म निर्माता आगरा के आसपास ही रखना चाहते हैं। इसके बाद भी अगर आगरा की इस अहमियत को सरकार नहीं समझती, तो यह बेहद अफसोस की बात है। 
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