रात में गिरती तो होती मौत
घर की छत गिरने से 10 मिनट पहले ही हम सोकर उठे थे और कमरे से बाहर थे। रात में गिरती तो कोई भी जिंदा नहीं बचता, सब दबकर मर जाते। - संजय श्रीवास्तव, ई-ब्लॉक शास्त्रीपुरम
छत से टपकता रहा पानी
इससे तो अच्छा था कि किराए के घर में ही रहते। छत से पानी टपक रहा। हाथ से प्लास्टर टूटता है। डर लगता है कि कहीं छत गिर न जाए- - पुष्पा देवी, शास्त्रीपुरम बीएसयूपी
रेत से बने मकान हैं ये
आवंटित हुए छह महीने नहीं बीते कि यह मकान जर्जर हो गए। यह रेत से बने मकान है, जो ज्यादा दिन नहीं टिक पाएंगे। - किशोर कुमार, बीएसयूपी
मकानों में लगीं पीली ईंटें
बीएसयूपी के इन मकानों में पीली ईंटें लगी हैं और छत पर सीमेंट दिखता ही नहीं। कोई ऐसा घर नहीं है जिसकी छत न टपक रही हो और जिसमें सीलन न आ रही हो। - रंजीत शास्त्रीपुरम
सितंबर में आएगी रिपोर्ट
आईआईटी रुड़की से जांच करा रहे हैं कि यह भवन रहने लायक हैं या नहीं। जो भवन रहने लायक होंगे, उनमें मरम्मत कराकर कमियां दूर कराएंगे। जो ध्वस्त करने लायक होंगे, उन्हें ध्वस्त कराएंगे। सितंबर में आईआईटी की रिपोर्ट आएगी।
- डॉ. राजेंद्र पैंसिया, उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण
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