फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lord Shri Krishna: पदमपुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए किस माह में कौन सा फूल चढ़ाएं

Sat, 09 Dec 2023 10:46 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

भगवान कृष्ण की अलग-अलग प्रकार के सुगंधित पुष्पों से पूजा करना बहुत पुण्यदायी है। पदम पुराण के अनुसार अगहन महीने के साथ ही और अन्य महीनों में किन-किन फूलों को अर्पित करने से श्री कृष्ण की कृपा मिलती है
विज्ञापन
lord shri krishna
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदी पंचांग के अनुसार भगवान कृष्ण का प्रिय मार्गशीर्ष(अगहन) माह 28 नवंबर से लग चुका है,जो 26 दिसंबर तक रहेगा। पुराणों के अनुसार ये माह भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना है। पवित्र नदियों में स्न्नान और श्री कृष्ण जी या उनके किसी भी अवतार की पूजा-सेवा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होकर सुख-सौभाग्य मिलता है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान कृष्ण की अलग-अलग प्रकार के सुगंधित पुष्पों से पूजा करना बहुत पुण्यदायी है। पदम पुराण के अनुसार अगहन महीने के साथ ही और अन्य महीनों में किन-किन फूलों को अर्पित करने से श्री कृष्ण की कृपा मिलती है,आइए जानते हैं।

विज्ञापन


चैत्र
चैत्र मास में चंपा,चमेली,दौना,कटसरैया और वरुण वृक्ष के फूलों से भी जगत के स्वामी सर्वेश्वर श्रीविष्णु का पूजन किया जा सकता है। मनुष्य को एकाग्रचित्त होकर लाल या किसी भी रंग के सुंदर कमल पुष्पों से श्री हरि का पूजन करना विशेष फलदाई है।

वैशाख
वैशाख मास में केवड़े के पत्ते लेकर महाप्रभु श्री विष्णु का पूजन करना चाहिए। जो कोई भक्तिपूर्वक भगवान का पूजन कर लिया उनसे श्री हरि संतुष्ट रहते हैं।
विज्ञापन


ज्येष्ठ
ज्येष्ठ मास आने पर ऋतु के अनुसार अथवा नाना प्रकार के फूलों से भगवान की पूजा करनी चाहिए।

आषाढ़
आषाढ़ मास में कनेर के फूल,लाल रंग के पुष्प अथवा कमल के फूलों से भगवान की विशेष पूजा करनी चाहिए। जो सुवर्ण के समान रंग वाले कदम के फूलों से सर्वव्यापी गोविन्द की इस माह में पूजा करते है,उन्हें कभी यमराज का भय नहीं होगा। तुलसी, श्यामा तुलसी तथा अशोक के द्वारा सर्वदा पूजित होने पर श्री विष्णु नित्यप्रति कष्ट का निवारण करते हैं।

सावन
जो लोग सावन आने पर अलसी या दूर्वा दल के द्वारा श्री जनार्दन की पूजा करते हैं,उन्हें भगवान प्रलयकाल तक मनोवांछित भोग प्रदान करते हैं।

भाद्रपद
भादों के महीने में चंपा,श्वेत पुष्प तथा पीले और लाल रंगों के पुष्पों से पूजन करके सब कामनाओं का फल प्राप्त कर लेता है।

आश्विन
आश्विन के शुभ मास में जूही,चमेली,कमल तथा नाना प्रकार के शुभ पुष्पों द्वारा श्री हरि का पूजन करना चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य इस पृथ्वी पर धर्म,अर्थ, काम और मोक्ष चारों पदार्थ प्राप्त कर लेता है।

कार्तिक
कार्तिक मास आने पर परमेश्वर श्री विष्णु की पूजा तिल अथवा उस समय के जितने भी ऋतु के अनुकूल पुष्प हैं वे सभी माधव को अर्पण करने चाहिए।

मार्गशीर्ष
मार्गशीर्ष मास जो कि श्री कृष्ण का ही स्वरूप है,इसमें नाना प्रकार के पुष्पों, उत्तम नैवेद्यों, धूपों तथा आरती आदि के द्वारा प्रसन्नता पूर्वक श्री जनार्दन का पूजन करके सभी सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

पौष
पौष माह में सभी प्रकार के तुलसी दल और पुष्पों से पूजन करना कल्याणदायक माना गया है।

माघ
इसी प्रकार माघ मास आने पर पीले रंग जैसे सरसों, गेंदा और सभी रंगों के पुष्पों को भगवान की सेवा में अर्पित करें।

फाल्गुन
फाल्गुन में भी पीले रंग के सभी पुष्प एवं नवीन पुष्पों अथवा सब प्रकार के फूलों से श्री हरि का अर्चन करना चाहिए।इस प्रकार श्री जगन्नाथ के पूजित होने पर व्यक्ति श्री विष्णु की कृपा से अविनाशी वैकुण्ठ को प्राप्त कर लेता है।  
 
मेष राशिफल 2024 तुला राशिफल 2024
वृषभ राशिफल 2024 वृश्चिक राशिफल 2024
मिथुन राशिफल 2024 धनु राशिफल 2024
कर्क राशिफल 2024 मकर राशिफल 2024
सिंह राशिफल 2024 कुंभ राशिफल 2024
कन्या राशिफल 2024 मीन राशिफल 2024
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें