नगर निगम ने कंपनी को दिए प्लान बनाने के निर्देश, हजारों लोगों को मिलेगी राहत
क्रॉसर
सीवरेज कनेक्शन की सुविधा भी मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मर्ज एरिया और साथ लगते पंचायती क्षेत्र में पेयजल तथा सीवरेज लाइन की सुविधा से वंचित हजारों लोगों को अब जल्द नए कनेक्शन मिल सकेंगे। केंद्र सरकार की ओर से लांच किए गए अम्रुत मिशन टू के तहत राजधानी में सबसे पहले पेयजल और सीवरेज नेटवर्क को सुधारा जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने पेयजल कंपनी को प्लान तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कंपनी शहर में ऐसे इलाकों का पता लगाएगी जहां लाइनें बिछाकर लोगों को पेयजल और सीवरेज कनेक्शन दिए जा सकते हैं। नगर निगम प्रशासन के अनुसार अम्रुत मिशन के तहत शहर में जो काम रह गए थे, उन्हें अब अम्रुत मिशन टू के तहत पूरा किया जाएगा। मिशन टू को लेकर केंद्र सरकार ने सभी नगर निगमों और नगर निकायों को गाइडलाइन जारी की है। इसमें पेयजल और सीवरेज नेटवर्क सुधारने के कामों को प्राथमिकता देने को कहा है।
शहर की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा अब कंपनी के पास है। इसलिए नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की है। इसमें कंपनी को अम्रुत मिशन टू के तहत बजट जारी होने से पहले अपना प्लान तैयार करने को कहा है। शहर के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधाएं कैसे दी जा सकती है, कैसे प्राकृतिक स्रोतों को बचाकर इनका सदुपयोग हो सकता है, इस बारे में योजनाएं बनाने को कहा है। कंपनी अपना प्लान बनाकर नगर निगम को देगी, इसके बाद केंद्र को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि कंपनी को इस बारे में प्लान तैयार करने को कहा है।
राजधानी में 42 बावड़ियां, स्टोर होगा इनका पानी
पेयजल कंपनी के सर्वे के अनुसार शिमला शहर में 42 बावड़ियां और चश्मे हैं। इनमें से 13 पर अम्रुत मिशन के पहले चरण में काम हो चुका है। अब बाकी बचे पेयजल स्रोतों पर स्टोरेज टैंक बनाकर इनका इस्तेमाल करने पर योजना बनेगी। एजीएम राजेश कश्यप ने बताया कि इस बारे में बैठक हुई है। कंपनी जल्द अपना प्लान तैयार करेगी।
हर नए कनेक्शन पर मिलेंगे तीन हजार
शहर में अधिक से अधिक लोगों को पेयजल और सीवरेज कनेक्शन की सुविधा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद देगी। सीवरेज और पेयजल के प्रति कनेक्शन पर तीन हजार रुपये कंपनी को मिलेंगे। इस योजना का मकसद यह है कि शहरी क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास नगर निगम से पेयजल सप्लाई मिले। साथ ही सीवरेज नेटवर्क से लोग जुड़ पाएं।