सांसद एवं बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर फिर निशाना साधा है। अनुराग ने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह ने 10 जनपथ के इशारे पर भारत-पाक मैच पर विवाद खड़ा करवाया, क्योंकि उन्होंने संसद में जेएनयू विवाद में राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
कहा कि मुख्यमंत्री को समझना चाहिए की विश्व कप जैसे आयोजन बार-बार नहीं मिलते। इस बार मैं पूरा प्रयास कर, टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण मैच धर्मशाला लेकर आया था, लेकिन केवल मेरा विरोध करने के चक्कर में उन्होंने देश और प्रदेश की साख पर बट्टा लगाया है।
वह आईपीएल मैचों में भी सुरक्षा का पैसा लेते हैं और मनोरंजन कर भी लगाते हैं। अब उन्होंने विश्व कप में भी घटिया राजनीति की, इसलिए किंग्स इलेवन फ्रेंचाइजी भी धर्मशाला नहीं आना चाहती। उन्होंने लगातार तीन सीजन में धर्मशाला को अपना दूसरा होम ग्राउंड बनाया था।
आईपीएल मैचों के साथ भी की राजनीति
अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके प्रति नहीं, धर्मशाला की जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके प्रति नहीं, धर्मशाला की जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इनका करोड़ों का नुकसान वीरभद्र सिंह ने अपनी ओछी सोच के कारण किया है। जिन शहीदों का सहारा लेकर मुख्यमंत्री ने भारत-पाक मैच पर राजनीति की, उनके परिवारजनों से तत्काल मिलकर उनका दर्द समझना चाहिए था, जबकि उन्होंने ऐसा नहीं किया।
वीरभद्र सिंह हमेशा निचले हिमाचल के हितों के खिलाफ रहे हैं। इसका प्रमाण उन्होंने बार-बार दिया है। फिर चाहे वह सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मामला हो या आईपीएल मैचों का। उन्होंने 2014 में भी चुनावों का बहाना देकर आईपीएल मैचों को सुरक्षा देने से मना किया था।
इस बार भी आईपीएल चुनावों के समय कोलकाता में हो रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने सुरक्षा देने से मना नहीं किया। एक सांसद के सवालों का वीरभद्र जवाब नहीं दे सकते, वो जनता के सवालों का क्या जवाब देंगे?