हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी कि दूसरी पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर कोई हक नहीं होगा। कोर्ट ने दूसरी पत्नी की ओर से पारिवारिक पेंशन के लिए दायर अपील को खारिज कर दिया है।
प्रार्थी पत्नी का दावा था कि वह पारिवारिक पेंशन पर कानूनी तौर पर हक रखती है, क्योंकि वह मृतक हवलदार सोहन सिंह की कानूनन पत्नी थी। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब कानूनी रूप से दूसरी शादी शून्य मानी जाती हो तो स्वाभाविक है कि वह पेंशन नियमों के तहत भी संरक्षण की हकदार नहीं हो सकती।
दूसरी पत्नी केवल उसी स्थिति में पेंशन का हक रखती है यदि किसी पर्सनल लॉ के तहत दूसरी शादी करना जायज हो। कोर्ट ने कहा कि चूंकि हिंदू धर्म के मामलों में दूसरी पत्नी अवैध होती है इसलिए उसे शादी से जुड़े कोई भी कानूनी लाभ नहीं दिए जा सकते।
अपीलकर्ता ने कमला देवी द्वारा रक्षा मंत्रालय की उस कार्यवाही पर आपत्ति जताई थी जिसके तहत उसे पारिवारिक पेंशन के अयोग्य घोषित किया गया था।