मनीष प्रजापत कीव में अपने साथियों के साथ फंसे हैं।
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Russia Ukraine war: रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग लगातार बढ़ती ही जा रही है। पांच दिन से हो रही जंग का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। इस कारण यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है। राजस्थान के सैकड़ों छात्र-छात्राएं अब भी यूक्रेन के शहरों में फंसे हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से उन्हें निकालने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन कई छात्र ऐसे भी हैं, जिनका इंडियन एंबेसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नागौर उपखंड के डेगाना तहसील के रामसरी गांव के मनीष प्रजापत यूक्रेन की राजधानी कीव में फंसे हुए हैं। मदद की गुहार लगाते मनीष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने वहां के हालातों को बहुत ही भयानक बताया है। मनीष ने कहा कि उनकी बिल्डिंग के पास ही एक धमाका हुआ था। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार जल्द से जल्द हमें यहां से बाहर निकाले।
वीडियो में मनीष ने बताया कि वह कीव की वाइजेपी यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे हैं। युद्ध की वजह से मैं हॉस्टल में बंद हूं, मेरे साथ करीब 150 छात्र-छात्राएं भी इसी तरह फंसे हुए हैं। हमारे पास खाने-पीने का सामान लगभग खत्म हो गया है। हॉस्टल के बाहर जाने से हमें पूरी तरह मना किया गया है। बार-बार धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। वीडियो में मनीष कह रहे हैं कि यहां कब क्या हो जाए किसी को नहीं पता है।