राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। इसी सिलसिले में आज हमारा कारवां जोधपुर विधानसभा पहुंचा है। यहां अमर उजाला ने नेताओं से बात की और जनता के सवाल पूछे।
जोधपुर मुख्यमंत्री का गृहनगर है। ये काफी पुराना शहर है। यहां बीजेपी के समय में जो विकास हुआ बस वही दिखता है, उसके बाद से तो मानो कुछ हुआ ही नहीं है। पानी की समस्या का निराकरण बीजेपी के समय में ही हुआ।
रोजगार के नाम पर सिर्फ झूठ फैलाया
रोजगार के नाम पर सिर्फ झूठ फैलाया गया है। पेपर लीक ने युवाओं के साथ जितना अत्याचार हुआ है उसकी जिम्मेदार गहलोत सरकार है। महिला उत्पीड़न में भी आज राजस्थान नंबर एक पर आ चुका है इसके लिए भी गहलोत सरकार जिम्मेदार है। बेरोजगारी भत्ता देने का जो वादा गहलोत सरकार ने किया था वो आजतक पूरा नहीं हुआ है।
जोधपुर में सिर्फ भेदभाव हुआ है और कुछ नहीं
हेरिटेज के नाम पर सड़कों की हालत ये है कि सब लोग परेशान हैं। गटर सारे भरे हुए हैं देखरेख करने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस सरकार ने पुरुषों की पेंशन बंद करके महिलाओं को पेंशन दे रहे हैं ये कहां का न्याय है। हेरिटेज के नाम पर 46 हजार करोड़ का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार किया है। युवाओं के नाम पर कुछ नहीं किया सिवाए पेपर लीक के। जोधपुर दंगे में सबसे बड़ा तुष्टीकरण किया। जिनते कांग्रेसी थे सब बाहर और बीजेपी वाले सारे अंदर हैं। जोधपुर के अंदर पांच साल में सिर्फ भेदभाव हुआ है और कुछ नहीं।