मोहाली। न्यू चंडीगढ़ के साथ लगते गांव चंदपुर की जमीन पर अब फिल्मी सिटी बनाने की तैयारी की गई है। इस संबंधी पंचायत विभाग की ओर से खुली बोली कर 7 सितंबर को जमीन लीज पर दी जाएगी। जबकि इलाके के लोगों और पंजाब अगेंस्ट क्रप्शन संस्था इस कार्रवाई के विरोध में उतर आई है। उनकी दलील है कि यह पूरी कार्रवाई करोड़ों रुपये की जमीन कब्जाने की कोशिश है। इस प्रस्ताव से गांव को कोई फायदा नहीं होगा। गांव वालों ने इस संबंधी पंचायत के सरपंच और बीडीपीओ को पत्र भेजा है। साथ ही इस मुद्दे पर ग्राम सभा की बैठक बुलाने को कहा है। गांव वालों का कहना है कि ग्राम सभा की मीटिंग में वह इस प्रस्ताव को खारिज कर देंगे। वह किसी भी कीमत पर इस जमीन की नीलामी नहीं होने देंगे। अगर जरूरत पड़ी तो वह हाईकोर्ट जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक ब्लॉक माजरी के गांव चंदपुर की 60 बीघे 19 बिसवे शामलात जमीन पर फिल्म सिटी बनाने की तैयारी की गई है। पंचायत विभाग की तरफ से इस संबंधी जमीन को 33 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। जमीन को लीज पर देने का पब्लिक नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही 7 सितंबर को ब्लॉक माजरी स्थित बीडीपीओ के दफ्तर में जमीन को लीज देने के लिए बोली रखी गई है। जबकि गांव के लोग इस कार्रवाई का विरोध कर हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई कर सरकार अपने चहेतों को फायदा देना चाहती है। इस संबंधी पंजाब अगेेंस्ट क्रप्शन संस्था के प्रमुख सतनाम सिंह दाऊं ने कहा कि अब पूरे पंजाब में यह चलन हो गया है कि किसी तरह की संस्थाएं खड़ी कर शामलात जमीनों पर कब्जा किया। उन्होंने बताया कि गांव के लोग इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। पहले भी इस तरह की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने बताया कि इस संबंधी पंचायत विभाग के एक्ट के तहत नोटिस सरपंच व पंचायत विभाग को दिया गया था। जबकि जानबूझकर ग्राम सभा की मीटिंग नहीं बुलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वह पीछे नहीं हटेंगे। बता दें कि इससे पहले भी संस्था और लोगों ने नीलामी को रद्द करवाया था।
फिल्म सिटी एयरपोर्ट के पास बसाने की थी तैयारी
लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले गमाडा ने नॉलेज सिटी के पास फिल्म सिटी बसाने की तैयारी की थी। इस संबंध में गमाडा और सांसद मनीष तिवारी की बैठक भी हुई थी। लेकिन अब चंदपुर में फिल्म सिटी कैसे बनाने का प्लान आया, उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त जमीन को लीज पर देने की योजना उनकी समझ से बाहर है। अब उनके पास संघर्ष के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।