सोने के जेवरात का भाव तय करने के बाद दोनों को ही हर बार भेजा जाता था और सोना देकर पैसे मंगवाए जाते थे। शुक्रवार की दोपहर को दोनों को एक्टिवा देकर सर्राफा बाजार में भेजा गया था, जिससे सोना देकर वह दोनों 35 लाख रुपये ले आएं। दोनों 35 लाख रुपये की नकदी लेकर सराफा बाजार से आए थे। दोनों ने एक्टिवा कांप्लेक्स के बाहर लगाई और बिल्डिंग में लगी लिफ्ट में जाने लगे। इसी दौरान एक युवक आया। जिसने हथियार दिखा कर दोनों से रुपयों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। आरोपी का एक साथी पहले ही बाइक स्टार्ट कर बाहर खड़ा था। दोनों बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। जिसके बाद दोनों मुलाजिमों ने इसकी जानकारी मालिक को दी। इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी गई।
मालिक ने कहा- मुलाजिम है लूट में शामिल
कंपनी के मालिक दीपक ने कहा कि गगनदीप के पास हथियार था इसलिए उसे रोका था। अगर कोई लूट करने के लिए आया था तो उसे अपना हथियार निकालना चाहिए था। हथियारबंद लुटेरे ने जैसे ही गगन से बैग लूटा तो गगन ने हथियार से गोली चलाना तो दूर अपना हथियार बाहर तक नहीं निकाला। वह हथियार निकालकर चलाने और शोर मचाने के बजाय उनके पास पांचवीं मंजिल पर आया कि उनसे लूट हो गई है। वह नीचे आए तो लुटेरे फरार हो चुके थे। उन्होंने कहा कि गगन से उस समय पूछताछ की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे सका।
यह भी पढ़ें- फैसला: अब पंजाब शिक्षा बोर्ड साल में दो टर्म में आयोजित करेगा परीक्षा, दोनों के आधार पर बनेगा रिजल्ट
पुलिस कई थ्योरियों पर कर रही है जांच
इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जेसीपी सचिन गुप्ता ने अधिकारियों के साथ लिफ्ट में जांच की और बाहर का क्राइम सीन भी देखा। उसके बाद दोनों मुलाजिमों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इसके अलावा पुलिस की फिंगर प्रिंट्स की टीम और डॉग स्क्वॉयड टीम भी मौके पर पहुंच गई।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एसीपी रणधीर सिंह ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे है। कुछ प्वाइंट्स मिले हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों मुलाजिम शक के दायरे में है। उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ के बाद ही सारी सच्चाई सामने आएगी। इसके अलावा पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी है और कई थ्योरियों पर कई टीमें जांच करने में जुटी है।