जांच अधिकारी एएसआई बलबीर सिंह ने बताया कि कृष्ण कुमार अपना बिजनेस करता था। व्यापार में उसे घाटा हो गया। जिसकी वजह से वह परेशान चल रहा था। सोमवार की सुबह उसकी पत्नी बाहर थी और उसने कमरे में जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिवार वालों ने उसे अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई। थाना दुगरी की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले बाबा दीप सिंह नगर निवासी गुरशरण सिंह (26) ने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। थाना जमालपुर में तैनात जांच अधिकारी एएसआई सुरजीत सिंह ने बताया कि गुरशरण के पिता काम पर गए थे और मां किसी रिश्तेदार के घर गई थी। गुरशरण की दादी बाथरूम में नहा रही थी। वह दूसरे बाथरूम में गया और फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसके परिवार वाले आए। अंदर वह नजर नहीं आया तो उसे आवाज लगाई तो पता चला कि बाथरूम का दरवाजा बंद है। जिसे किसी तरह से खोला गया तो वह मृत मिला।
दुगरी के एलआईजी फ्लैट निवासी जगप्रीत सिंह (48) ने अपने घर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही थाना दुगरी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच अधिकारी एएसआई दलजीत सिंह ने बताया कि जगप्रीत सिंह का अपनी पत्नी से विवाद था और वह दो साल से अलग रह रही थी।
जगप्रीत सिंह का बेटा पत्नी के साथ रहता था जबकि उसकी 16 साल की बेटी ईशा उसके पास रहती थी और स्टेशनरी की दुकान पर काम करती थी। उसने पत्नी को काफी मनाने की कोशिश की लेकिन वह उसके साथ रहने के लिए राजी नहीं हुई। जिस कारण जगप्रीत काफी परेशान चल रहा था। सोमवार को उसकी बेटी काम पर चली गई। तभी उसने फंदा लगाकर जान दे दी। जब बेटी घर खाना खाने आई तो वह मृत मिला।
थाना शिमलापुरी के अधीन जैन कालोनी में रहने वाले हरजिंदर सिंह (27) ने अपने घर में देर रात को फंदा लगा लिया। उसके भाई सरबजीत सिंह ने बताया कि वह दो साल से फ्री था। वह डिप्रेशन में था और उसका इलाज चल रहा था। देर रात को वह घर की छत पर गया और फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।