magh mela prayagraj
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एक पहर भोजन, तीन पहर स्नान
कल्पवास किसी तपस्या से कम नहीं है। इसमें सिर्फ एक समय ही भोजन किया जाता है और स्नान तीन बार। कल्पवास के दौरान दान भी करना होता है। अन्न काला तिल, ऊन, वस्त्र व बर्तन आदि का लोग दान करेंगे। उस दिन आद्रा नक्षत्र में सूर्य रहेगा। इससे स्नान-दान का फल बढ़ जाएगा।
पौष पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण भी
इस बार खास बात यह है कि पौष पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण भी लग रहा है, लेकिन इस बार का चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन पौष पूर्णिमा पर कल्पवासी और संत-भक्त ग्रहण स्नान की भी डुबकी लगा सकेंगे।