soraon murder case
- फोटो : प्रयागराज
सूचना पर सबसे पहले उसका भाई कार्तिकेय उर्फ शानू मौके पर पहुंचा। बहन व मासूम भांजों के शव देख वह एकबारगी तो बदहवास सा हो गया। पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। उधर घटना की जानकारी मिलने पर कामिनी के परिवार के अन्य लोगों का भी पहुंचना शुरू हुआ। उसके चचेरे भाई के साथ ही फूफा व अन्य लोग भी आए, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं। इनमें से कुछ तो दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते बेसुध भी हो गईं। किसी तरह उन्हें होश में लाया गया, लेकिन इसके बावजूद उनका रुदन क्रंदन नहीं थमा। परिवारवालों की हालत देख वहां मौजूद ग्रामीणों की भी आंखें नम हो र्गईं। कुछ महिलाएं तो शवों के पास ही बैठकर लगातार बिलखती रहीं।