ज्येष्ठ अमावस्या 22 मई को पड़ रही है। धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है और शनि महाराज की जयंती भी ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही होती है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अमावस्या तिथि के दिन पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान, दान और तर्पण का बड़ा महत्व होता है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन कुछ कार्य जरूर करने चाहिए, जबकि कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस समय देश में कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है। लिहाजा सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक कर्मकांड करने से बचें।