दर्शन मात्र से कष्टों से मिलती है मुक्ति
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शिवरात्रि पर भी होती है चार पहर की पूजा
मंदिर में भगवान का पूजन अर्चन परंपरागत रूप से किया जाता है। यहां हर त्यौहार को धूमधाम से मनाने के साथ ही हर पर्व का उल्लास कुछ अलग ही रूप में दिखाई देता है। बताया जाता है कि महाशिवरात्रि पर्व पर श्री हाटकेश्वर मंदिर में रात के चारों पहर भगवान का विशेष पूजन अर्चन भी किया जाता है।
नागर समाज के इष्टदेव है श्री हाटकेश्वर महादेव
नागर ब्राह्मण समाज के इष्ट देव श्री हाटकेश्वर महादेव हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना के बाद नगर ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से भी इस समाज के लोग बड़ी संख्या में मंदिर पर भगवान का पूजन अर्चन और दर्शन करने पहुंचते हैं, साथ ही समाज के लोगों के द्वारा हाटकेश्वर जयंती पर भी मंदिर में बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजन अर्चन कर भगवान के दर्शनों का लाभ लिया जाता है।