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Arthritis: सर्दियां बढ़ा सकती हैं आर्थराइटिस की दिक्कत, आप भी हैं शिकार तो जरूर बरतें ये सावधानी

Wed, 27 Dec 2023 10:14 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : iStock
आर्थराइटिस, जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है, आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। डॉक्टर्स कहते हैं, 45 की आयु के बाद महिला और पुरुष दोनों में इस समस्या का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कम उम्र के लोगों में भी इसका जोखिम रहता है।  स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही इस समस्या से बचाव के लिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौसम में भी बदलाव का भी इस स्वास्थ्य समस्या पर असर देखा जाता रहा है। जिन लोगों को गठिया की बीमारी होती है, उनके लिए सर्दियों का समय कठिनाइयों भरा हो सकता है। ठंडा मौसम आर्थराइटिस की समस्या को और भी ट्रिगर कर सकता है, इसमें सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। 
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आर्थराइटिस की समस्या और बचाव के तरीके - फोटो : istock
सर्दियों में ट्रिगर हो सकती है आर्थराइटिस की दिक्कत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, तापमान में गिरावट के साथ रक्त वाहिकाओं में संकुचन होने लगता है, जिससे जोड़ों में सूजन-कठोरता की दिक्कत हो सकती है। बैरोमीटर दबाव के कारण ठंड के मौसम में गठिया का दर्द अधिक महसूस होता है और जोड़ों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनके लिए ये मौसम कई और भी प्रकार की जटिलताओं को बढ़ाने वाला हो सकता है।
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आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : istock
शरीर को रखें गर्म

आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, ठंडा तापमान, दर्द-संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है, इसमें रक्त परिसंचरण भी धीमा हो जाता है जिससे मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ जाती है। इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी है कि आप ठंड से बचाव करें। अपने आप को गर्म रखने के लिए टोपी, दस्ताने और स्कार्फ पहनें और इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड से जोड़ों की सेकाई करें।  जोड़ों की कठोरता को कम करने के लिए हल्के गर्म पानी से स्नान करें।

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रोजाना योगासनों से आर्थराइटिस में मिलता है लाभ - फोटो : istock
नियमित व्यायाम बहुत जरूरी

गठिया के दर्द से बचने और अपने जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम सबसे अच्छी चीज है। नियमित शारीरिक गतिविधि ऊर्जा को बढ़ावा देने और ताकत-लचीलेपन में सुधार करने में मदद करती है। व्यायाम से फील-गुड हार्मोन भी रिलीज होता है जो शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। प्रत्येक सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम का लक्ष्य रखें।
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आर्थराइटिस और आहार - फोटो : Pixabay
एंटीइंफ्लामेटरी आहार का करें सेवन

अपने आहार में बदलाव करने से गठिया को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है। स्वस्थ पौष्टिक आहार, जिसमें एंटीइंफ्लामेटरी चीजें शामिल हों ये सूजन को कम करने, हड्डियों को मजबूत करने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे वसायुक्त मछली, नट्स और सीड्स को आहार का हिस्सा बनाने से लाभ मिल सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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