चिनाब वैली की सड़कें जानलेवा साबित हो रही हैं। पिछले पांच वर्षों की बात करें, तो डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले में 706 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। चिनाब वैली में खराब सड़कें, ओवरलोडिंग, तीव्र मोड़ हादसों के मुख्य कारण बन रहे हैं। डोडा और किश्तवाड़ जिले में हो रहे सड़क हादसों में भारी जानमाल का नुकसान हो रहा है। ठाठरी से पुल डोडा तक के सड़क मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन सड़क की हालत जस की तस है। चिनाब वैली में तीन जिले आते हैं। अकेले डोडा जिले की बात करें, तो 2017 से सितंबर 2021 तक 1025 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 206 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं किश्तवाड़ जिले में इस अवधि के दौरान 393 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 157 लोगों की मौत हो चुकी है। किश्तवाड़ में सड़क हादसों में मरने वालों की दर ज्यादा है। रामबन जिले में 1171 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 343 लोगों की मौत हुई है।