सीवर लाइन में बनने वाली सीवर गैसों में हाइड्रोजन सल्फाइड, अमोनिया, मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि गैसें बनती हैं। ये गैस स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती हैं। एक बार यह गैसें सांस के साथ फेफड़ों में जाती है तो इसके तुरंत ही बेहोशी छा जाती है। कई बार इन गैसों की वजह से विस्फोट भी हो जाता है। सीवर में उन्हीं कर्मियों को उतरना चाहिए जिन्होंने प्रशिक्षण लिया हो।
साथ ही उनके पास व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण हों जिसमें जल प्रतिरोधी दस्ताने, जूते, आई गियर आदि शामिल हैं। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां सीवर की सफाई के लिए सरकार ने छोटी-छोटी मशीनें तैनात की हैं। मंगलवार को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सीवर में उतरे कर्मचारियों के पास किसी भी प्रकार के उपरण नहीं थे। ऐसे में गैस की चपेट में आकर आसानी से उनकी मौत हो गई।