मृतक सतीश
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सतीश के साले मोहन अरोड़ा ने बताया कि मूलरूप से डकोरा, पलवल का रहने वाला सतीश अपने परिवार के साथ गली नंबर-8, सरदार कालोनी, रोहिणी सेक्टर-16 में रहता था। इसके परिवार में पत्नी नेहा (35) के अलावा तीन बेटी तिशा (14) कृतिका (8) और अरबी (2) के अलावा तीन बड़े भाई हैं। सतीश के बड़े भाई कृष्ण ने बताया कि उनका भाई शुरुआत से ही बहुत बहादुर था। वह किसी भी हालात में हार नहीं मानता था। बचपन से ही उसे सेहत बनाने का शौक था। इसी वजह से वह जिम जाता था।
अच्छी बॉडी और कदकाठी की वजह से उसे बाउंसर की नौकरी भी मिल गई थी। लेकिन लॉकडाउन हुआ तो उसकी नौकरी चली गई। सतीश ने अपने परिवार को चलाने के लिए ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया था। मंगलवार दोपहर खाना खाकर वह ई-रिक्शा लेकर निकला था। इसके बाद वह सवारियों की तलाश में संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा और दूसरे लोगों की जान बचाने के चक्कर में अपनी भी जान गंवा बैठा।