मध्यप्रदेश सरकार का नया विमान बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 मंगलवार को भोपाल पहुंच गया। अब मुख्यमंत्री और दूसरे वीआईपी इसी विमान से सफर कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। विमान को नियमित उड़ानों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होने में डेढ़ माह का समय और लगने का अनुमान है। इस दौरान पंजीयन, तकनीकी जांच, विमानन नियमों से जुड़ी मंजूरियां और पायलटों की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। राज्य सरकार ने जुलाई 2024 में नए विमान की खरीद को मंजूरी दी थी। करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाला यह जेट आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके आने से सरकारी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमान लेने पर होने वाला खर्च कम करने की उम्मीद है। पुराना सरकारी विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से सरकार को यात्राओं के लिए किराये के विमानों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
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268 करोड़ रुपये का बीमा कराने की तैयारी
कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर का चैलेंजर 3500 बिजनेस जेट श्रेणी का विमान है। इसकी कीमत अलग-अलग रिपोर्टों में 230 से 250 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। कर और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल लागत का आंकड़ा बदल सकता है। विमान के लिए करीब 268 करोड़ रुपये का बीमा प्रस्तावित किया गया है। इसमें विमान के साथ यात्रियों और सामान को भी बीमा सुरक्षा देने की योजना है।
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जांच और मंजूरी के बाद ही भरेगा उड़ान
भोपाल के स्टेट हैंगर पहुंचने के बाद विमान को सेवा में लेने के लिए कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। सबसे पहले भारतीय पंजीयन और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। लागू नियमों के तहत सीमा शुल्क संबंधी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इसके बाद विमान के उपकरणों, तकनीकी स्थिति और सुरक्षा प्रणालियों की जांच होगी। पायलटों की योग्यता, प्रशिक्षण और जरूरी अनुमति की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर परीक्षण उड़ान कराई जा सकती है। इन सभी प्रक्रियाओं में करीब डेढ़ महीने का समय लगने का अनुमान है।
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हर हवाई पट्टी पर नहीं उतर सकेगा विमान
चैलेंजर 3500 के संचालन के लिए करीब 1800 मीटर या इससे अधिक लंबे रनवे की जरूरत बताई गई है। मध्यप्रदेश में 20 से अधिक हवाई पट्टियां हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से केवल तीन पर ही इतनी लंबाई का रनवे है। ऐसे में मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान गंतव्य शहर के रनवे की लंबाई और अन्य परिचालन सुविधाओं को ध्यान में रखना होगा।
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लंबी दूरी की यात्रा में मिलेगी सुविधा
इस जेट की अधिकतम उड़ान क्षमता करीब 6297 किलोमीटर बताई गई है। इससे लंबी दूरी की यात्राएं कम ठहराव के साथ पूरी की जा सकती हैं। हालांकि, विमान कितनी दूरी तक उड़ान भर पाएगा, यह यात्रियों की संख्या, मौसम और दूसरी परिचालन परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा। विमान के केबिन में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। इसमें पायलटों के लिए अलग कॉकपिट बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष डिजाइन वाली नुआज सीटें लगाई गई हैं। केबिन की रोशनी, तापमान और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं को आवाज से नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें वायरलेस चार्जिंग और 24 इंच की 4K स्क्रीन भी दी गई हैं।
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चार्टर्ड विमान का खर्च घटने का दावा
सरकार के मुताबिक, नया विमान नियमित सेवा में आने के बाद हवाई यात्रा पर होने वाला मासिक खर्च मौजूदा खर्च के मुकाबले करीब एक-तिहाई रह सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत विमान के इस्तेमाल, रखरखाव और संचालन पर होने वाले खर्च पर निर्भर करेगी। मध्यप्रदेश सरकार का बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-250 विमान मई 2021 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद सरकारी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल किया जाने लगा। नए विमान की खरीद को जुलाई 2024 में मंजूरी मिली थी। अब इसके भोपाल पहुंचने के बाद सरकारी बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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प्रदेश में हवाई नेटवर्क बढ़ाने की योजना
राज्य में हवाई सुविधाओं के विस्तार के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। उड़ान योजना के तहत 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी है। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और करीब 220 हेलीपैड बताए गए हैं। सरकार की योजना सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की भी है।