रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को रेलवे संपत्ति, यात्रियों और उनसे जुड़े मामलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में अन्य जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिसे रेल सुरक्षा बल भोपाल मंडल द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। इसी कड़ी में चाइल्ड ट्रेफिकिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन आहट" के तहत बंगाल के सात आठ बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया।
आरपीएफ ने 21 फरवरी को भोपाल में यात्री गाड़ियों की चेंकिग की। इस दौरान संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर गाड़ी सं 11466 जबलपुर-राजकोट एक्सप्रेस के सामान्य कोच से 7-8 बच्चों को उतरते देखा। उनके साथ कोई वयस्क के नहीं होने से रोककर पूछताछ की। इसमें पता चला कि ये सभी मजदूरी करने उज्जैन गए थे, लेकिन काम के बाद मजदूरी नहीं देने के कारण वे अपने गृह जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल जाने के लिए निकले थे। ये सभी बच्चे 15-17 वर्ष के पाए गए। इन बच्चों के पास यात्रा टिकट एवं पैसे नहीं थे।
आरपीएफ की चेकिंग टीम में शामिल सहायक उपनिरीक्षक भूपेन्द्र कुमार, प्रधान आरक्षक आर. के. मिश्रा, आरक्षक योगेन्द्र शर्मा ने सुरक्षा के मद्देनजर इन बच्चों को पोस्ट पर लाकर चाइल्ड हेल्प लाइन भोपाल को सौंप दिया। बच्चों का पूरा विवरण जुटाकर आगे कार्रवाई करने एवं बच्चों को सकुशल घर पहुंचाने के इंतजाम किए जाएंगे।