समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ के छह उम्मीदवारों सहित 10 टिकट घोषित कर दिए हैं। इसमें पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री को भी मैदान में उतारा गया है। इसौली से पार्टी के विधायक अबरार अमहद का टिकट काट दिया गया है। उनकी जगह पूर्व सांसद ताहिर खान को मैदान में उतारा गया है, जबकि लखनऊ उत्तर से पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा की सीट पर नए चेहरे के रूप में पूजा शुक्ला को मैदान में उतारा गया है। टिकट की घोषणा होते ही सपा प्रदेश कार्यालय पर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
पार्टी की ओर से मंगलवार दोपहर जारी 10 टिकट में तीन मुस्लिम, दो यादव उम्मीदवार है। इसी तरह दलित, ब्राह्मण, ठाकुर, खत्री और पंजाबी एक-एक उम्मीदवार हैं। राजधानी लखनऊ में बक्शी का तालाब से पूर्व विधायक गोमती यादव, लखनऊ पश्चिम से 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अरमान, लखनऊ उत्तर से पूजा शुक्ला, लखनऊ पूर्व से अनुराग भदौरिया, लखनऊ मध्य से रविदास मेहरोत्रा और लखनऊ कैंट से पूर्व पार्षद राजू गांधी पर दांव लगाया गया है। इसमें पूजा शुक्ला और राजू गांधी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह बांगरमऊ से सपा सरकार में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रहे डा. मुन्ना अल्वी, बछरावां से पूर्व विधायक श्याम सुंदर भारती और बबेरू से पूर्व विधायक विशंभर यादव को मैदान में उतारा गया है।
इसौली विधायक का टिकट कटा, पूर्व सांसद मैदान में
सुल्तानपुर के इसौली से विधायक अबरार अहमद का टिकट काट दिया गया है। यहां से पूर्व सांसद ताहिर खान खान को मैदान में उतारा गया है। ताहिर 1999 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़े थे। फिर 2004 में बसपा के टिकट पर कांग्रेस से सतीश शर्मा को पराजित कर सांसद बने थे। सालभर पहले वह सपा में आए और अब इसौसी से मैदान में उतारे गए हैं।
सरोजनी नगर पर सस्पेंस बरकार
लखनऊ में दो उम्मीदवारों की पहले ही घोषणा की जा चुकी है। इसमें मोहनलालगंज से विधाय अंब्रीश पुष्कर को दोबारा मैदान में उतारा गया है, जबकि मलिहाबाद से पूर्व सांसद सुशीला सरोज को टिकट दिया गया है। इस बीच चर्चा है कि सुशीला सरोज ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। ऐसे में अभी पार्टी की ओर से इस सीट पर नए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह सरोजनी नगर विधानसभा सीट पर अभी सस्पेंस बरकार है। यहां से दर्जनभर उम्मीदवार मैदान में हैं। राजधानी की सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद सरोजनी नगर से उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने से यहां के उम्मीदवार प्रदेश कार्यालय पर डटे हैं। कोई जातिगत समीकरण के हिसाब से खुद को फिट बता रहा है तो कोई पूर्व में मिले वोट का हवाला देकर टिकट मांग रहा है।