लखनऊ में सीवरयुक्त पेयजलापूर्ति की वजह से दो बच्चों की जान जाने और दर्जनों लोगों के बीमार होने की घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ कई जिलों में उत्पन्न ऐसी स्थिति की भी समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा है।
बृहस्पतिवार को हुई टीम-9 की बैठक में इस मुद्दे पर खास तौर पर चर्चा करते हुए कहा कि कई जिलों में सीवरयुक्त पेयजल की आपूर्ति की शिकायतें लगाता मिल रही है। तमाम स्थानों पर सीवर लाइन और पेयजल लाइन बिछाने केनाम पर सड़क खोदकर छोड दिया गया है। कई स्थानों पर सड़क का मरम्मत भी नहीं कराया गया है। लिहाजा ऐसे स्थानों पर बारिश के दिनों में गंदा व सीवर का पानी पेयजल में मिल जा रहा है। जिससे प्रदूषित पेयजलापूर्ति हो रही है।
लखनऊ के बालू अड्डा क्षेत्र की घटना का खास तौर से जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा जिस भी जिले में ऐसी स्थिति हो वहां पर तत्काल व्यवस्था को ठीक कराया जाए सीवर आदि के निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग को प्रदूषित पेयजलापूर्ति की शिकायतों पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए दोषियों केखिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।