शिक्षकों और छात्रों को दक्ष बनाएगा ई-कंटेंट
सीबीएसई ने दीक्षा एप और पोर्टल पर लॉन्च किया विद्या दान योजना
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित होने के लिए कदम बढ़ा दिया है। इस कड़ी में बोर्ड ने अपनी विद्या दान योजना को लॉन्च किया है। इस योजना के अंतर्गत न केवल छात्र अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं, बल्कि शिक्षक भी अपने पढ़ाने के तरीकों को रोचक बना सकते हैं। इस योजना को बोर्ड ने दीक्षा एप और पोर्टल पर सभी स्कूलों व छात्रों के लिए लॉन्च कर दिया है। फिलहाल इसपर कक्षा छह से 10 तक के लिए शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
विद्या दान योजना के तहत बोर्ड ने सीबीएसई के प्रमुख स्कूलों से ई-कंटेंट मंगाए थे। स्कूलों की ओर से छात्रों को पढ़ाने के तरीके, विभिन्न विषयों से संबंधित नोट्स आदि शैक्षणिक सामग्री बोर्ड को भेजी गई थी। बोर्ड ने चुनिंदा स्कूलों से प्राप्त सभी प्रकार की कंटेंट को एकत्रित कर ई-कंटेंट के जरिए पोर्टल और एप पर लॉन्च कर दिया है। यह पाठ्य सामग्री कक्षा छह से दस तक के छात्रों व शिक्षकों के लिए लाभदायक होगी। दूर-दराज के किसी भी स्कूल के शिक्षक व छात्र और आम लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इसमें ऑडियो-वीडियो पाठ्य सामग्री भी उपलबध है। ई-कंटेंट अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में तैयार किया गया है। एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित सिलेबस के आधार पर इस कंटेंट को तैयार किया है। कोई भी एप डाउनलोड कर या फिर दीक्षा पोर्टल पर जाकर इसका लाभ उठा सकता है। बोर्ड के निदेशक, प्रशिक्षण डॉ. बिस्वजीत साहा के अनुसार इसके जरिए सभी स्कूल अच्छे कंटेंट तैयार करने के लिए प्रेरित होंगे। शिक्षकों और छात्र दोनों को फायदा मिलेगा।
छात्रों और शिक्षकों की क्षमता में होगा निखार
सभी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल एक जैसा नहीं रहता। वहीं छात्रों व शिक्षकों की दक्षता व क्षमता भी भिन्न होती है। ऐसे में सभी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में बहुत ज्यादा फर्क होता है। इस ई-कंटेंट के माध्यम से स्कूल, छात्र व शिक्षक प्रमुख स्कूलों के पढ़ाई के तरीकों को अपना सकेंगे।
इस तरह शिक्षकों व छात्रों को मिलेगा फायदा :
- शिक्षकों को किसी भी पाठ को समझने और उसे छात्रों को समझाने के तरीके में मदद मिलेगी।
- पाठ के प्रमुख बिंदुओं व टॉपिक पर विशेषज्ञों के नोट्स होंगे।
- कक्षाओं को सही तरीके से संचालित करने में शिक्षकों को मदद मिलेगी।
- छात्रों को पाठ को समझने के लिए रिफ्रेंस किताबों का सहारा नहीं लेना होगा। ज्यादा पाठ्य सामग्री उपलब्ध रहेगी।
- क्वेश्चन बैंक उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल कक्षा बल्कि घर पर भी अभ्यास करने के खूब अवसर मिलेंगे।
- एनसीईआरटी की किताबें पीडीएफ के रूप में उपलब्ध रहेंगी।
- कक्षा दस के सभी विषयों की मार्किंग स्कीम भी उपलब्ध रहेगी।
- प्रयोग के माध्यम से पढ़ाई की रोचक पाठ्य सामग्री मिलेगी।