बस्ती से कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल के खिलाफ नौकरी का लालच देकर युवती का यौन शोषण व दूसरी शादी करने के आरोपों को चल रहे मुकदमे में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय 4 दिसंबर को फैसला सुनाएंगे।
इससे पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एसएन राय ने प्रार्थना पत्र देकर अदालत से अनुरोध किया गया कि वह मामले में कुछ अन्य बिंदुओं पर तर्क प्रस्तुत करना चाह रहे हैं। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अभियोजन के मुताबिक उक्त मामले की पीड़िता ने हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अक्तूबर 2012 में प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए लखनऊ आई तो चारबाग स्टेशन के प्रतीक्षालय में संजय प्रताप जायसवाल, अमरजीत मिश्र व एक अन्य से मुलाकात हुई। खुद को डॉक्टर बताने वाले संजय प्रताप ने उसे नौकरी दिलाने के बहाने सारे कागजात ले लिए।
बाद में उन कागजातों पर हस्ताक्षर करने के बहाने वाराणसी के एक होटल में बुलाया। जहां वादिनी के खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुराचार किया और वीडियो बना लिया। कोर्ट ने पक्षकारों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।