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वायरल कविता : बेटे को खा गया है वो बन गया है डायन 

काव्य डेस्क

Viral Kavya
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                            एक मां की तड़प 
        
                                                    
                            

स्कूल नाम जिसका लेते हैं लोग रायन 
बेटे को खा गया है वो बन गया है डायन 

गुलशन का फूल मेरे ,वो चन्दा हमारा था 
उगता हुआ वो सूरज ,वो आंख का तारा था 

उसका कुसूर बोलो कुछ बात तो बताओ 
ममता का वास्ता है ,बेटे को लेके आओ 

क्यों मार दिया उसको किस बात की सज़ा दी 
खुशियों में तुमने मेरी क्यों आग सी लगा दी 

तुम खोलो नाम उसका ,वो कौन है हत्यारा 
मेरे लाडले को किसने और किसलिए है मारा 

'आज़ाद' सब्र कैसे आएगा दुखी मां को 
कभी देखती ज़मीं को कभी देखे आसमां को 

- सुहेल आज़ाद गुन्नौरी 

(ये कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।)
9 वर्ष पहले
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Ankit Kumar

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