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तारिक़ नवादवी: ज़िंदगी में तनाव कितना है, फिर भी उस से लगाव कितना है

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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ज़िंदगी में तनाव कितना है
फिर भी उस से लगाव कितना है

एक दिन तो सभी ने मरना है
फिर भी ख़ुद का बचाव कितना है

आत्मा बेच कर शिकम भर लें
आज हम पर दबाव कितना है

क्या बताएँ तुम्हें हमारे दोस्त
जिस्म पर अपने घाव कितना है

हार सकते हो ज़िंदगी 'तारिक़'
तुम को मा'लूम दाव कितना है
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2 महीने पहले
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