विज्ञापन

Josh Malihabadi poetry: कोई आया तिरी झलक देखी 

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  सारी दुनिया है एक पर्दा-ए-राज़ 
उफ़ रे तेरे हिजाब के अंदाज़ 

मौत को अहल-ए-दिल समझते हैं 
ज़िंदगानी-ए-इश्क़ का आग़ाज़ 

मर के पाया शहीद का रुत्बा 
मेरी इस ज़िंदगी की उम्र दराज़ 

कोई आया तिरी झलक देखी 
कोई बोला सुनी तिरी आवाज़ 
विज्ञापन

हम से क्या पूछते हो हम क्या हैं 
इक बयाबाँ में गुम-शुदा आवाज़ 

तेरे अनवार से लबालब है 
दिल का सब से अमीक़ गोशा-ए-राज़ 

आ रही है सदा-ए-हातिफ़-ए-ग़ैब 
'जोश' हमता-ए-हाफ़िज़-ए-शीराज़ 
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all