अपना ज़माना आप बनाते हैं अहले दिल,
हम वो नहीं कि जिसको ज़माना बना गया।
- जिगर मुरादाबादी
वही हक़दार हैं किनारों के
जो बदल दें बहाव धारों के
- निसार इटावी
विज्ञापन
अब हवाएं ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
- महशर बदायूंनी
इन्हीं ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चांद निकलेगा
अंधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
- अख़्तर शीरानी
जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं।
- जिगर मुरादाबादी
तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा कर
सरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
- अमीर मीनाई
तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा
तिरे सामने आसमां और भी हैं
- अल्लामा इक़बाल
हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उठें
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
- साहिर लुधियानवी
हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं
हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं
- जिगर मुरादाबादी
गर शौके-तसादुम है तो टकराए जमाना
इक उम्र में पत्थर का जिगर हमने बनाया
- सागर निजामी
कहिए तो आसमां को ज़मीं पर उतार लाएं
मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए
- शहरयार
कोशिश भी कर उम्मीद भी रख रास्ता भी चुन
फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर
- निदा फ़ाज़ली