ईद का चाँद तुम ने देख लिया
चाँद की ईद हो गई होगी
~ इदरीस आज़ाद
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ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम
रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है
~ क़मर बदायुनी
ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का
~ अज्ञात
ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो
और कहियो कि कोई याद किया करता है
~ त्रिपुरारि
माह-ए-नौ देखने तुम छत पे न जाना हरगिज़
शहर में ईद की तारीख़ बदल जाएगी
~ जलील निज़ामी