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दानियाल तरीर: एक बुझाओ एक जलाओ ख़्वाब का क्या है

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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एक बुझाओ एक जलाओ ख़्वाब का क्या है
आँखों में रख कर सो जाओ ख़्वाब का क्या है

पाँव-तले है रौंद के गुज़रो कुचल के देखो
पीछे जाओ आगे आओ ख़्वाब का क्या है

शेल्फ़ पे उल्टा कर के रख दो और बिसरा दो
गुल-दानों में फूल सजाओ ख़्वाब का क्या है

ख़्वाब का क्या है रात के नक़्श-ओ-निगार बनाओ
रात के नक़्श-ओ-निगार बनाओ ख़्वाब का क्या है

नींद मिली है गुड़ से मीठी शहद से शीरीं
गाओ नाचो नाचो गाओ ख़्वाब का क्या है

ला-यानी है सब ला-यानी या'नी या'नी
और कहानी लिख कर लाओ ख़्वाब का क्या है

एक कबाड़ी गलियों गलियों वाज लगाए
राख ख़रीदो आग के भाव ख़्वाब का क्या है
 
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9 महीने पहले
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