बैडमिंटन खिलाड़ी गौरांशी का कहना है कि जब लड़के खेल सकते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं? देखें देश का गौरव बढ़ाने वाली गोल्ड मेडलिस्ट की कहानी-