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आज का शब्द: वितान और नीलोत्पल की कविता- ज्यादा जानना जरूरी नहीं

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- वितान, जिसका अर्थ है- विस्तार, फैलाव, बड़ा तम्बू या खेमा, यज्ञ। प्रस्तुत है नीलोत्पल की कविता- ज्यादा जानना जरूरी नहीं
        
                                                    
                            

बहुत ज्यादा जानना जरूरी नहीं
ज्ञान इतना कि मौन रहना सीख जाएँ
प्रेम निष्फल कामना है
अत्यधिक बारिश शब्दों में रहती है

आदर्श गुस्सा रूठे प्रेमी की तरह होता है
न शब्द है, न उनकी जगह
किसी खाली वितान में
असंभव सी रोशनी उठती है

दूर कहीं ग्वाले ने नदी पार कर ली
नदी में संगीत बजता है
संगीत इतना तरल है कि कविताएँ
कसमसाने लगती है

एक कवि विफल होता है बहुत सारे मौन-से। 

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3 महीने पहले
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