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आज का शब्द: वाणी और अज्ञेय की कविता हँसती रहने देना

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है 'वाणी' जिसका अर्थ है 1. बोलने या बातचीत करने की शक्ति; ध्वनि 2. जिह्वा 3. सरस्वती। कवि अज्ञेय ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
        
                                                    
                            

जब आवे दिन
तब देह बुझे या टूटे
इन आँखों को
हँसती रहने देना!

हाथों ने बहुत अनर्थ किये
पग ठौर-कुठौर चले
मन के
आगे भी खोटे लक्ष्य रहे
वाणी ने (जाने अनजाने) सौ झूठ कहे

पर आँखों ने
हार, दुःख, अवसान, मृत्यु का
अंधकार भी देखा तो
सच-सच देखा

इस पार
उन्हें जब आवे दिन
ले जावे
पर उस पार
उन्हें
फिर भी आलोक कथा
सच्ची कहने देना
अपलक
हँसती रहने देना
जब आवे दिन!
4 वर्ष पहले
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