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आज का शब्द: उत्पल और महादेवी वर्मा की कविता- क्या पूजन क्या अर्चन रे !

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                                                  उत्पल का अर्थ है- कमल। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- उत्पल। प्रस्तुत है महादेवी वर्मा की कविता- क्या पूजन क्या अर्चन रे !

क्या पूजन क्या अर्चन रे!

उस असीम का सुंदर मंदिर मेरा लघुतम जीवन रे !
मेरी श्वांसें करती रहतीं नित प्रिय का अभिनंदन रे !

पद रज को धोने उमड़े आते लोचन में जल कण रे !
अक्षत पुलकित रोम मधुर मेरी पीड़ा का चंदन रे !

स्नेह भरा जलता है झिलमिल मेरा यह दीपक मन रे ! 
मेरे दृग के तारक में नव #उत्पल का उन्मीलन रे !

धूप बने उड़ते जाते हैं प्रतिपल मेरे स्पंदन रे !
प्रिय प्रिय जपते अधर ताल देता पलकों का नर्तन रे !
4 वर्ष पहले
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