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आज का शब्द: तीक्ष्ण और अज्ञेय की कविता- एक चुम्बन में प्रणय फलीभूत हो जाता है

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- तीक्ष्ण, जिसका अर्थ है- तेज धारवाला, प्रखर, तीव्र, तेज, उग्र, प्रचंड। प्रस्तुत है अज्ञेय की कविता- एक चुम्बन में प्रणय फलीभूत हो जाता है 
        
                                                    
                            

एक तीक्ष्ण अपांग से कविता उत्पन्न हो जाती है,
एक चुम्बन में प्रणय फलीभूत हो जाता है,
पर मैं अखिल विश्व का प्रेम खोजता फिरता हूँ,
क्यों कि मैं उस के असंख्य हृदयों का गाथाकार हूँ।

एक ही टीस से आँसू उमड़ आते हैं,
एक झिड़की से हृदय उच्छ्वसित हो उठता है।
पर मैं अखिल विश्व की पीड़ा संचित कर रहा हूँ-
क्यों कि मैं जीवन का कवि हूँ।
2 वर्ष पहले
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