विज्ञापन

आज का शब्द: माधुर्य और उमेश कुमार राठी की कविता- होठों पर प्यार निसार करूँ

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- माधुर्य, जिसका अर्थ है- मधुर होने का भाव, मधुरता, सुन्दरता, मिठास। प्रस्तुत है उमेश कुमार राठी की कविता- होठों पर प्यार निसार करूँ
        
                                                    
                            

होठों पर प्यार निसार करूँ
दिल में यह चाह घनेरी है
चुपचाप सुनो ये बात प्रिये
मुस्कान मधुरिमा मेरी है

जब धूप बरसती मूरत पर
देखा तब मैंने वातायन
मधु रश्मि सरसती सूरत पर
पसराया प्रभु ने रूपायन
सचमुच लगता है प्राण प्रिये
ये आभ अरुणिमा मेरी है
चुपचाप सुनो ये बात प्रिये
मुस्कान मधुरिमा मेरी है

आँगन में झूम रहा सावन
जब से तुमने शृंगार किया
तेरी नखरैली चितवन ने
चुपके दिल पर अधिकार किया
तन में माधुर्य समाया है
ये सौम्य तरुणिमा मेरी है
चुपचाप सुनो ये बात प्रिये
मुस्कान मधुरिमा मेरी है

निशदिन सुनके वाणी वंदन
अविभूत करे घर को चंदन
अँगनाई छूकर पुरवायी
जीवन का करती अभिनन्दन
मनमीत सुवासित यौवन की
परिणीत वरुणिमा मेरी है
चुपचाप सुनो ये बात प्रिये
मुस्कान मधुरिमा मेरी है

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।


 
4 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Chandra prakash

28 कविताएं

View Profile