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आज का शब्द: दिवस और गोपालदास नीरज की रचना- लहरों में हलचल होती है

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                                                  'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दिवस, जिसका अर्थ है- दिन, वार, रोज़, कार्यदिवस। प्रस्तुत है गोपालदास नीरज की रचना- लहरों में हलचल होती है

लहरों में हलचल होती है।

कहीं न ऐसी आँधी आवे 
जिससे दिवस रात हो जावे 
यही सोचकर कोकी बैठी तट पर निज धीरज खोती है। 
लहरों में हलचल होती है। 

लो, वह आई आँधी काली 
तम-पथ पर भटकाने वाली 
अभी गा रही थी जो कालिका पड़ी भूमि पर वो सोती है। 
लहरों में हलचल होती है। 

चक्र-सदृश भीषण भँवरों में 
औ’ पर्वताकार लहरों में 
एकाकी नाविक की नौका अब अंतिम चक्कर लेती है। 
लहरों में हलचल होती है।
3 वर्ष पहले
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