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जब दिलीप कुमार ने लता जी से बड़े प्यार से कहा, मेरी बहन आई है...

काव्य डेस्क

Mud Mud Ke Dekhta Hu
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                                                  भैया मेरे राखी के बधंन को निभाना... बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है... प्यार के दो तार से संसार बांधा है... रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना... 
राखी के मौक़े पर बजने वाले अधिकतर गीत लता मंगेशकर ने गाए हैं।

लता दीदी ने रूपहले पर्दे पर ही भाई बहन के अटूट रिश्ते के इन गीतों को सिर्फ़ गाया ही नहीं है बल्कि जिया भी है। लता जी भले ही हृदयनाथ मंगेशकर की बहन हैं लेकिन बॉलीवुड ने भी उन्हें बड़ी बहन की जगह दी है।

दिलीप कुमार से लेकर तलत महमूद, मुकेश और मदन मोहन जैसी हस्तियां लता मंगेशकर को न सिर्फ़ बहन मानते थे बल्कि रक्षा बंधन पर राखी भी बंधवाते थे। दिलीप कुमार लता के राखी भाई हैं।

2000 में प्रसारित हो रहे एक शो में दिलीप कुमार को राखी बांधते हुए लता जी ने कहा था, अब तक तो सिर्फ़ हम ही जानते थे कि हम दोनों राखी भाई बहन हैं, पर आज से दुनिया जानेगी। उनका ये रिश्ता आज भी बरकरार है। कुछ दिनों बाद रक्षा बंधन आने वाला है।

ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार बीमारी की वजह से असल जिंदगी में भी बीमारी की ट्रेजेडी का सामना कर रहे हैं। 95 की उम्र पार कर चुके रुपहले पर्दे के बेताज बादशाह रहे इस शख़्स को इन दिनों दवा के साथ दुआओं की ज़रूरत है।

अब जब सुर सामाग्री ही ट्रेजेडी किंग के लिए दुआएं मांग रही हों तो दिलीप साहब सकुशल लौटेंगे ही। तीन साल पहले दिलीप कुमार की जीवनी लांच हुई थी। उस मौके़ पर लता जी पहुंचीं और कई गीत भी गाए थे। लेकिन सायरा बानों उस समय चकित रह गईं जब “दिलीप साहब ने बड़े प्यार से कहा मेरी बहन आई है।”
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मदन मोहन ने क्या कहा लता दीदी को ..

लता और मदन मोहन

सवाल अब उठ रहा है कि राखी का पावन त्योहार है तो खुद लता जी कौन सा गीत गाएंगी। दिलीप साहब के अलावा मुकेश और संगीतकार मदन मोहन को भी लता जी अपना भाई मानती थीं। मुकेश को वह हमेशा मुकेश भैया कहती थीं और उन्हें राखी बांधती थीं। यह दुखद संयोग कहें या भाग्य मुकेश के अंतिम समय के दौरान भी लता जी उनके साथ थी।

वैसे लता जी के तीसरे भाई थे मदन मोहन। मदन मोहन के बेहतरीन संगीत के साथ लता जी ने कई यादगार गीत गाए हैं। फ़िल्म इंडस्ट्री में कोई लता जी को डांट सकता था तो वो मदन मोहन ही थे।

लता सुर गाथा में यतीन्द्र नाथ मिश्र ने लता दीदी के हवाले से लिखा है, "एक बार राखी के दिन मदन मोहन मेरे घर आए और कहा तुम्हें याद है जब हम पहली बार मिले थे, तब हमने आपस में भाई-बहन का गीत भी गाया था, आज राखी है, यह लो मेरी कलाई पर राखी बांधो।

आज से तुम मेरी छोटी बहन और मैं तुम्हारा मदन भैया। आज के बाद हमारा रिश्ता ऐसा ही भाई-बहन का जीवन भर रहेगा और अपने भाई की हर फिल्म में गाओगी।"
9 वर्ष पहले
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