काश, मुझको देखते मेरे,हालात देखते।
कैसे गुजर रहे हैं, मेरे दिन-रात , देखते।।
बरसते हुआ सावन तो देखा है उन्होंने।
गर वो होते,अश्कों की बरसात देखते।।
-यूनुस खान