बारूद की महक से भर गया आसमान सारा,
किसी का घर उजड़ा, किसी का बिखरा सहारा।
ईरान–इस्राइल की जंग में दुनिया देख रही,
इंसान ही बन बैठा है इंसान का दुश्मन दोबारा।
-विजय बिंदास राजा