विज्ञापन

मंजिल भी सफर है

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सांवली सी रात और चमकता चांद ,
        
                                                    
                            
बर्षो बाद मिले साथी और उन दिनों की याद ,
ऊंचे घने जंगल के बीच से गुजरते हुए ,
सुनसान रास्ते का सफर ।
सचमुच यहां सफर ही मंजिल है
और मंजिल भी सफर है।
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all