सांवली सी रात और चमकता चांद ,
बर्षो बाद मिले साथी और उन दिनों की याद ,
ऊंचे घने जंगल के बीच से गुजरते हुए ,
सुनसान रास्ते का सफर ।
सचमुच यहां सफर ही मंजिल है
और मंजिल भी सफर है।